कुंडली में कालसर्प दोष हो तो क्या करें? कैसे दूर करे ये दोष

हिन्दू ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष एक ऐसा योग है जो व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु की विशेष स्थिति से बनता है। यह दोष जीवन में कई चुनौतियां ला सकता है, जैसे करियर में रुकावटें, वैवाहिक जीवन में परेशानियां, स्वास्थ्य समस्याएं और आर्थिक हानि। कालसर्प दोष एक चुनौती है, लेकिन सही उपायों से इसे शांत किया जा सकता है। अपनी कुंडली चेक करें और विश्वसनीय पंडित से सलाह लें।

कालसर्प दोष व्यक्ति के जीवन में समस्याएँ तो लाता है, लेकिन सही उपायो से इन समस्याओ का समाधान भी होता है। यदि व्यक्ति सही दिशा में पूजा-पाठ, मंत्र-जाप और दान-पुण्य करता है, तो यह दोष न केवल शांत होता है बल्कि भाग्यवृद्धि और सफलता का कारण भी बन सकता है। तो आज ही उज्जैन में कालसर्प दोष निवारण पूजा कराएँ और इस दोष से छुटकारा पाएँ।

कालसर्प दोष क्या है? जाने कारण

कालसर्प दोष तब बनता है जब कुंडली के सभी सात ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु के बीच में फंस जाते हैं। राहु को सर्प का मुख और केतु को पूंछ माना जाता है, इसलिए यह योग एक सर्प की तरह ग्रहों को घेर लेता है। ज्योतिषियों के अनुसार, यह दोष पिछले जन्म के पापों या कर्मों का फल हो सकता है।

कुंडली में कालसर्प दोष की पहचान कैसे करें?

भारतीय वैदिक ज्योतिष में कालसर्प दोष (Kaal Sarp Dosh) को अत्यंत महत्वपूर्ण और रहस्यमय योग माना गया है। यह योग व्यक्ति के जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव, मानसिक अशांति, आर्थिक कठिनाइयाँ, वैवाहिक समस्याएँ और आत्मविश्वास की कमी जैसे प्रभाव पैदा कर सकता है। परंतु हर व्यक्ति की कुंडली में यह दोष अलग तरीके से प्रभाव डालता है।

राहु-केतु की स्थिति देखें

सबसे पहले देखें कि राहु और केतु कौन से भावों में स्थित हैं। अगर राहु-केतु 1-7, 2-8, 3-9, 4-10, 5-11 या 6-12 भावों में विराजमान हों,
तो यह कालसर्प अक्ष (axis) बनाता है।

क्या सभी ग्रह राहु और केतु के बीच हैं?

यह सबसे मुख्य शर्त है — यदि सभी ग्रह राहु और केतु के बीच फँसे हुए हैं, और किसी भी ग्रह की स्थिति राहु या केतु से बाहर नहीं है, तो यह निश्चित रूप से कालसर्प दोष कहलाता है।

कोई ग्रह राहु या केतु के बाहर हो तो दोष निष्क्रिय हो जाता है

यदि एक भी ग्रह राहु-केतु की सीमा से बाहर है, तो कालसर्प दोष कमज़ोर या निष्क्रिय (partial) हो जाता है।

कालसर्प दोष के प्रभाव (Effects of Kaalsarp Dosh) क्या है?

  • करियर: नौकरी में बाधाएं, प्रमोशन रुकना।
  • विवाह: विवाह में देरी या कलह होना।
  • स्वास्थ्य: पेट, त्वचा या मानसिक रोग।
  • आर्थिक: धन संबन्धित समस्याओ का बने रहना। लेकिन याद रखें, यह दोष हमेशा नकारात्मक नहीं होता – सही उपायों से सफलता भी मिल सकती है।

कुंडली में कालसर्प दोष हो तो क्या करे? कैसे दूर करे कालसर्प दोष

कालसर्प दोष को पूरी तरह खत्म करने का दावा कोई नहीं कर सकता, लेकिन इसके प्रभाव को 90% तक कम किया जा सकता है। यहां वैज्ञानिक और ज्योतिषीय आधारित ताजा उपाय दिए गए हैं:

उज्जैन में कालसर्प दोष शांति पूजा: सबसे प्रभावी और असरदार उपाय

सबसे प्रमुख उपाय है कालसर्प शांति पूजा। यह पूजा विशेष रूप से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में कराई जाती है। इसमें राहु-केतु की शांति, महामृत्युंजय जप और रुद्राभिषेक किया जाता है। यह पूजा व्यक्ति के कर्मबंधन को शुद्ध करती है।

रुद्राभिषेक – भगवान शिव की उपासना करें

कालसर्प दोष का सीधा संबंध भगवान शिव से है। हर सोमवार शिवलिंग पर जल, दूध, शहद और बेलपत्र चढ़ाएं। यह उपाय राहु-केतु की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है।
मंत्र जप करें —

“ॐ नमः शिवाय”
“ॐ ह्रीं कालभैरवाय नमः”

नाग पंचमी या अमावस्या पर पूजा करें

नाग पंचमी के दिन सर्प देवता की पूजा करें, उन्हें दूध अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुकेशाय नमः” मंत्र जपें। यह पूजा कालसर्प दोष की तीव्रता को कम करती है।

राहु-केतु बीज मंत्र का जाप करें

राहु और केतु को संतुलित करने के लिए प्रतिदिन या हर शनिवार निम्न मंत्रों का जाप करें, 108 बार जप करने से मानसिक शांति और स्थिरता बढ़ती है।

  • राहु मंत्र: “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।”
  • केतु मंत्र: “ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः।”

शिव मंदिर में दीपदान करें

प्रत्येक शनिवार और सोमवार को शिव मंदिर में सरसों या तिल के तेल का दीप जलाएं। यह साधना आपके अंदर की नकारात्मकता को समाप्त करती है और राहु-केतु के दोष को कमजोर बनाती है।

दान-पुण्य करें

दान हमेशा योग्य ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को करें। कालसर्प दोष को शांत करने के लिए निम्न वस्तुओं का दान शुभ माना गया है:

  • काले तिल
  • लोहे की वस्तुएँ
  • नीले या काले वस्त्र
  • तांबे का सिक्का
  • नाग देवता की तस्वीर या प्रतीक चिह्न।

उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा की बुकिंग कैसे करें?

कालसर्प दोष एक गंभीर दोष है, लेकिन सही उपायों से इसे अवसर में बदला जा सकता है। यदि आप भी इस दोष के प्रभाव से परेशान है तो आज ही उज्जैन में कालसर्प दोष निवारण पूजा सम्पन्न कराएं। पूजा बुकिंग के लिए नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करें और अपनी समस्याओं का समाधान पाएँ, अभी कॉल करें।

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