कालसर्प दोष पूजा कब होती हैं! उज्जैन मे कैसे बूक करे?

कालसर्प दोष क्या है ?

कालसर्प दोष हिंदू ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण दोष माना जाता है, जो तब उत्पन्न होता है जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। इसे एक अशुभ योग के रूप में देखा जाता है, जो जीवन में बाधाएँ, आर्थिक समस्याएँ, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ और मानसिक अशांति ला सकता है। इस दोष को शांत करने के लिए कालसर्प दोष निवारण पूजा की जाती है, जो विशेष रूप से शिव और नाग देवता की कृपा प्राप्त करने के लिए होती है।

कालसर्प दोष पूजा कब करनी चाहिए?


Image of Ujjain me Kaal sarp dosh puja kab hoti hai details

कालसर्प दोष पूजा के लिए कुछ विशिष्ट तिथियाँ और अवसर सबसे अधिक शुभ माने जाते हैं। ये तिथियाँ शिव और नाग देवता से जुड़ी होती हैं, क्योंकि कालसर्प दोष का संबंध राहु और केतु से होता है, जो सर्प के प्रतीक माने जाते हैं। पूजा की शुभ तिथियों और मुहूर्तों की विस्तृत सूची यहाँ देखें।

1.नाग पंचमी

• नाग पंचमी सर्पों की पूजा का विशेष दिन है। इस दिन नाग देवता की उपासना करने से कालसर्प दोष के प्रभाव कम होते हैं। यह दिन वर्ष में एक बार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आता है।

• नाग पंचमी के दिन त्र्यंबकेश्वर (नासिक), उज्जैन, और केदारनाथ जैसे प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।

2.महाशिवरात्रि

• महाशिवरात्रि का दिन शिवजी की उपासना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। शिवजी को नाग देवता का स्वामी माना जाता है, इसलिए इस दिन की गई पूजा कालसर्प दोष निवारण के लिए अत्यंत प्रभावशाली होती है।

• महाशिवरात्रि के दौरान की गई रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र जप पूजा दोष निवारण में सहायक होती है।

3.श्रावण मास (सावन के सोमवार)

• श्रावण मास के हर सोमवार को शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने से कालसर्प दोष का प्रभाव कम हो जाता है। सावन महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है और इस दौरान की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

• श्रावण सोमवार के दिन रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, और कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान करना अत्यंत शुभ होता है।

4. ग्रहण काल (सूर्य ग्रहण/चंद्र ग्रहण)

• सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान की गई कालसर्प दोष पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। इस दौरान मंत्र जाप और शिव पूजन करने से दोष के प्रभाव में कमी आती है। ग्रहण काल में राहु और केतु अत्यंत सक्रिय होते हैं, इसलिए इस समय की गई पूजा विशेष फल देती है।

5. अमावस्या और पूर्णिमा

• अमावस्या और पूर्णिमा के दिन की गई पूजा भी कालसर्प दोष निवारण के लिए शुभ मानी जाती है।

• इन दिनों तंत्र साधना और विशेष अनुष्ठान करने से राहु और केतु का प्रभाव कम होता है।

कालसर्प दोष पूजा के लाभ:–

• जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।

• आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

• मानसिक शांति मिलती है।

• स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आती है।

• पितृ दोष का निवारण होता है।

कालसर्प पूजा का महत्व

कालसर्प दोष एक गंभीर ज्योतिषीय दोष है, लेकिन उचित पूजा, श्रद्धा और नियमों का पालन करने से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। शुभ तिथियों और स्थानों पर जाकर इस पूजा को करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता का मार्ग खुलता है। पूजा की संपूर्ण लागत की जानकारी यहाँ प्राप्त करें।

कालसर्प योग पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है जो ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प योग होने पर की जाती है। यह पूजा जीवन में आने वाली बाधाओं, दुर्भाग्य, आर्थिक समस्याओं और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए की जाती है। अगर आप कालसर्प योग से प्रभावित हैं, तो किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करके यह पूजा कराना उचित होगा।

कालसर्प पूजा कैसे करवाए?

कालसर्प दोष की पूजा विशेष रूप से ज्योतिष में उन लोगों के लिए की जाती है, जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष होता है। यह दोष तब बनता है जब कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। इस पूजा से जीवन की बाधाओं, मानसिक अशांति और अन्य नकारात्मक प्रभावों को दूर करने की कोशिश की जाती है।

यदि आप कालसर्प दोष से संबंधित कोई पूजा करवाना चाहते हैं, तो उज्जैन के योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य से पूजा करवाने के लिए नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें, ओर इस दोष से छुटकारा पाये। योग्य पंडित से अपनी पूजा बुक कराएँ।

उज्जैन में कालसर्प दोष की पूजा कैसे कराये

यदी आप भी कालसर्प दोष से पीड़ित हे तो उज्जैन के श्रेष्ठ एवं अनुभवी पंडित योगेश व्यास जी से संपर्क करें और अपनी पुजा बुक करने के लिए अभी कॉल करे +919009320644 या फिर हमारे कालसर्प पुजा बूकिंग पेज को वीसैट करे। पंडित योगेश व्यास अनुभवी पंडित हे, जो की काल सर्प दो

ष निवारण पुजा, मंगल दोष पुजा और भी अन्य दोष निवारण पुजा करते हे। आप नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करके पंडित जी से संपर्क करे एवं पूजा के बारे मे ओर अधिक जानकारी प्राप्त करें।

kaal sarp dosh puja kab hoti hai?

Kaal Sarp Dosh Puja can be performed on any auspicious day, but it is most effective on Nag Panchami (Friday 6 Aug 2027), Mahashivratri (Saturday 6 Mar 2027), Amavasya, and during Sawan month (19 Jul–17 Aug 2027). In Ujjain, Pandit Yogesh Vyas performs this puja at Shipra Ghat and Mahakaleshwar Temple. For booking and muhurat, call 9009320644.

उज्जैन में कालसर्प दोष की पूजा कब होती है?

उज्जैन में कालसर्प दोष की पूजा वर्ष भर की जा सकती है, लेकिन नाग पंचमी (शुक्रवार 6 अगस्त 2027), महाशिवरात्रि (शनिवार 6 मार्च 2027), अमावस्या और सावन मास (19 जुलाई–17 अगस्त 2027) में इसका विशेष महत्व है। पंडित योगेश व्यास जी शिप्रा घाट और महाकालेश्वर मंदिर में विधि-विधान से पूजा कराते हैं। बुकिंग के लिए 9009320644 पर संपर्क करें।

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